Wednesday, May 22, 2019

गधा आए तो धोबी कमाए


एक पुरानी कहावत है कि गधा आए तो धोबी कमाए। यानी गधा आ जाने पर धोबी का काम बढ़ता है और कमाई बढ़ती है। नेताओं और धनकुबेरों के बीच भी अब ऐसा ही संबंध बन गया है। कौन सा नेता जीतेगा इसके अंदाजे भर से शेयर बाजार में कुछ धनकुबेरों पर धन बरसने लगता है।

ब्लूमबर्ग और क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार कुछ ऐसी कंपनियां हैं, जिनके शेयर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक भाग्य के साथ चढ़-उतर रहे हैं। जब देश में मतदान हो रहा था तो इनके शेयर गिर रहे थे मगर जैसे ही एग्जिट पोल में फिर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई गई तो इनके शेयर तेजी से बढ़े।
अरबपति गौतम अडानी की कंपनी अडानी इंटरप्राइजेज लि. और इसकी इकाइयों, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्री और अनिल अंबानी की रिलायंस इनफ्रास्ट्रक्चर लिमटेड को शेयरों ने एग्जिट पोल के बाद अच्छी बढ़त बनाई। किसी न किसी रूप से गुजरात से जुड़ी कंपनियों के शेयर पांच साल पहले जब 2014 में नरेंद्र मोदी ने जीत दर्ज की थी तब भी बढ़ रहे थे मगर पिछले साल दिसंबर में जब राज्यों के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो इनके शेयर में गिरावट देखी गई।
11 अप्रैल से 12 मई के बीच अडानी इंटरप्राइजेज, अडानी पावर, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंडस्ट्री के शयरों का प्रदर्शन अधिकांश समय तक गिरावट दिखा रहा था। मगर 19 मई को एग्जिटपोल के बाद इनमें रौनक लौट आई। अडानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में 25 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखी गई तो अडानी पावर और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी दस फीसदी से ज्यादा का उछाल दिखा। रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंडस्ट्री में यह बढ़त दस फीसदी से कम रही।

2014 के चुनाव नतीजों के बाद भी इन कंपनियों के शेयर तेजी से बढ़े थे। अडानी पावर के शेयर तो सौ फीसदी तक बढ़े थे।

23 मई को नतीजों का असर फिर इन कंपनियों के शेयरों पर दिखेगा। ज्यादातर एग्जिट पोल भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को 377 से 350 के बीच सीटें दे रहे हैं।
पिछले छह महीने से निवेशक अडानी इंटर प्राइजेज को लेकर चिंतित थे, एक सप्ताह पहले तक इसके शेयर गिर रहे थे। निवेशक अपनी एक चौथाई पूंजी गवा चुके थे। कंपनी के चेयरमैन अडानी, जो कि गुजराती हैं और राज्य की सबसे बड़ी बंदरगाह चलाते हैं का कहना है कि उन्हें मोदी सरकार की ओर से कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिला है। रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी, जिनकी रिफाइनरी गुजरात के जामनगर में है, उनके भाई अनिल अंबानी, जिन पर विपक्षी दल राफेल डील को लेकर आरोप लगाते रहे हैं, भी कहते हैं कि सिर्फ राजनीतिक उद्देश्य से उन पर आरोप लगाए गए हैं। उनकी ओर से कुछ भी गलत नहीं हुआ है।

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