Thursday, March 21, 2019

रंग करें विचार


होली रंगों का त्योहार है और हर रंग कुछ कहता है। रंगों की अपनी भाषा है। हर रंग के अपने लक्षण हैं। आइए जानते हैं रंगों की भाषा।


लाल रंग अन्याय और शोषण के खिलाफ क्रांति का प्रतीक है। यही वजह है कि दुनिया के सबसे ज्यादा 148 देशों के झंडे में यह रंग मौजूद है।  फ्रांसीसी क्रांति में यह रंग प्रतीक रूप में आंदोलनकारियों का रंग था। लाल रंग को दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रेम, बलिदान, साहस, रोमांस और आशावाद का प्रतीक माना जाता है।


हरा रंग जीवन का रंग है। प्रकृति का रंग है। नवीनता, रचनात्मक ऊर्जा, विकास, धन, और ताजगी का प्रतीक है। भारत सहित दुनिया के 87 देशों के झंडे में यह रंग मौजूद है।


नीला रंग भी क्रांति के प्रतीकरूप तीन रंगों नीला, सफेद और लाल में एक है। यह आकाश और सागर का रंग है। गहराई, स्थिरता, विश्वास, वफादारी, बुद्धिमानी और आत्मविश्वास का द्योतक है। दुनिया के 102 देशों के झंडे में यह रंग मौजूद है।

पीला रंग युवा, उमंग, खुशियों और सूर्य की चमक का रंग है। दुनिया के 89 देशों के झंडे में यह रंग मौजूद है।


भगवा रंग संन्यास, त्याग, सहजता, प्रजनन और उत्पादकता का प्रतीक है। दुनिया के 9 देशों के झंडे में संतरी, भगवा या केसरिया रंग है।


बैंगनी रंग रॉयलिटी, नोबलिटी, ऐश्वर्य, सत्ता, संपत्ति, रचनात्मकता, बुद्धिमानी, डिग्निटी, शांति, स्वतंत्रता और जादू का प्रतीक है। दुनिया के दो देशों के झंडे में यह रंग है।

काला रंग डर, रहस्य, अधिकार, मृत्यु, बुराई और विद्रोह का रंग मान जाता है। दुनिया के 59 देशों के झंडे में यह रंग मौजूद है।


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