Friday, January 11, 2019

एक सकारात्मक खबर


सूचना तकनीक क्रांति के साथ ही पत्रकारिता में भी अमूलचूल परिवर्तन आया है। यह छुपा नहीं है। हम सब इसके साक्षी हैं।

सरकार अगर अनिश्चितकाल के लिए चुनाव स्थगित कर दे तो आज इसे गलत कहना नकारात्मक विचार मान लिया जाएगा।

यह संभव है कि ज्यादातर न्यूज चैनल चुनाव न कराने के फायदे गिनाने लगें। एंकर आंकडे़ देकर समझाने लगें कि देश में चुनाव कराने में कितना खर्च आता है। यह सारा पैसा अब देश के विकास में लगेगा। इससे कितने रोजगार पैदा होंगे। कितने एम्स बन सकते हैं। कितनी प्रतिमाएं बन सकती हैं। कितनी सड़कें बन सकती हैं। कितने स्कूल बन सकते हैं। कितने शहरों के नाम सुधारे जा सकते हैं। कितने मंदिर बन सकते हैं। इत्यादि।

चुनाव न कराने के फायदे गिनवाने पर ये उसी तरह महीनों बहस चलवा सकते हैं, जैसे नोटबंदी के फायदे गिनवाने में जोर लगाया था।

प्रेस इतनी आजाद शायद पहले कभी नहीं थी। जनता के प्रति जवाबदेही से उसने खुदको पहले कभी इस तरह मुक्त नहीं किया था। यह प्रेस की आजादी का दौर है।

नोटबंदी और जीएसटी के लाभ ही लाभ जिस तरह गिनाये गये, वे सब पत्रकारिता के इतिहास में दर्ज हो गये हैं। वक्त उन सबका अध्ययन करेगा।

जीएसटी से बहुत सी चीजें सस्ती हो जाने की खबरें कितनी सच निकली? नोटबंदी से कालाधन खत्म हो जाने की खबरें कितना सच थीं? पत्रकारिता की आने वाली पीढि़यां यह सब  जानेंगी।

क्या निरंकुश राजनेताओं के पीछे चलते हुए प्रेस भी खुद को जनता पर शासक की मुद्रा में पाती है?

हालांकि निरंकुश ताकत का कोई भविष्य नहीं। हिटलरशाही हिटलर से शुरू होकर हिटलर पर ही खत्म होती है। तानाशाही और निरंकुश ताकतें निर्वंश है। इनका कभी वंश नहीं चला।

पत्रकारिता अपने जनसरोकारों की वजह से फलीफूली है।

जनता और उसके हित ही सर्वोपरि हैं। नर में नारायण हैं। बंदे में खुदा है। बंदा खुदा नहीं है।

सिर्फ सकारात्मक खबरें लिखी जाएं। एक ओर पांच साल से पूरा सरकारी तंत्र इसके लिए मीडिया की नाक में उंगली किए हुए है। दूसरी ओर नेता खुद दुनिया में घूम घूमकर प्रचार करते हैं कि देश सत्तर साल में बर्बाद हो गया।

क्या सत्तर साल पहले अंग्रेज बडा़ ही खुशहाल भारत छोड़ कर गये थे?  नेताओं से ज्यादा नकारात्मक बातें आजकल कोई नहीं कर रहा। जो जितना बडा़ नेता, उतने नकारात्मक बोल।

पर सच तो सच है। उसे बोलो या न बोलो । वह रहेगा। किसी अशोक शिलालेख की तरह। सदियों के बाद भी प्रकट हो जाएगा।

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