Tuesday, May 8, 2018

शायर का सावन और कायर का तूफान

सरकार अनुवाद से नहीं जानकारी से चले तो बेहतर है।
अनुवाद के धोखे में हरियाणा के बच्चों ने दो दिन 'तूफानी छुट्टी' का लुत्फ लिया। पीएमओ को मौसम विभाग से पूछना पड़ा कि यह कौन से तूफान है जो हरियाणा में आ रहा है।

दरसल पश्चिमी विक्षोभ ( western Disturbance) के एक्टिव होने पर मौसम विभाग संबंधित इलाको में  थंडरस्टोर्म ( Thunderstorm) और  Squall का पूर्वानुमान और चेतावनी जारी करता है।

भाई केंद्र से लेकर राज्यों तक सरकार चल रही है एकदम देसी स्टाइल में। मंत्री जी ने या उनके किसी देसी सलाहकार ने अंग्रेजी- हिंदी डिक्शनरी खोली और थंडरस्टोर्म को तूफान कर दिया। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पीसी कर दी और हरियाणा में तो मंत्री जी ने स्कूलों में छुट्टी ही कर दी।

मौसम विज्ञान में थंडरस्टोर्म की क्या परिभाषा है? ये जानकारी पता नहीं मंत्रियों को थी या नहीं।

असल में थंडरस्टोर्म को इलेक्ट्रिक स्टोर्म भी कहते हैं। इसका मतलब होता है गरज के साथ छींटे पड़ने, ओले पड़ने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार का अनुमान (50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा) भी बताया था, जो किसी तूफान का संकेत नहीं था। ट्रापिकल डिपरेशन में हवाओं की रफ्तार इसके आसपास रहती है।

आइए जानते हैं तूफान क्या होता है? 1971 में बने सफीर-सिंपसन स्केल के आधार पर तूफान को पांच श्रेणियों में रखा गया है। सबसे कमजोर पहली श्रेणी है। इनमें हवा की गति इस प्रकार रहती है -

1 श्रेणी - 119-153 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा

2 श्रेणी - 154-177 Km/h की रफ्तार से हवा

3 श्रेणी - 178-208 Km/h की रफ्तार से हवा

4 श्रेणी - 209-251 Km/h की रफ्तार से हवा

5 श्रेणी -152 Km/h या उससे तेज रफ्तार से हवा

असल में क्लाइमेट जोन की श्रेणी में हरियाणा खुश्क जोन में पड़ता है। यहां अक्सर सबट्रापिकल डिप्रेशन बनते हैं और मई-जून में अक्सर आंधी के साथ बूंदाबांदी होती हैं।

अब सवाल यह है कि जो आंधियों से इतना डरते हैंं वे तूफान का सामना कैसे करेंगे।

असल में मंत्री जी के डर की वजह बहुत से सरकारी स्कूलों की जरजर इमारते हैं। जो हवा कें झौंकों में भी डराती हैं। सरकार का पैसा गीता सरस्वती समारोह, विदेश दौरों और गोशालाओं को ही चला जाता है। बच्चों की शिक्षा के लिए फंड नहीं है।

हमें मंत्री जी का आभारी होना चाहिये, जो उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों की छुट्टी करवा दी।

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