Wednesday, November 8, 2017

कमिशनखोरी नहीं, जनता से सीधी लूट : सिंहावलोकन 2

2G, कोयला और कामनवेल्थ तो सरकारी खजाने से कमिशनखोरी थे मगर नोटबंदी गरीब, किसानों और छोटे दुकानदारों से सीधी संगठित लूट थी।

नोटबंदी से जनता के गरीब और सामान्य तबके को सीधे लूटा गया। जनता से हुई इस लूट का सीधा लाभ कुछ धन कुबेरों-, चीन और सत्ता के दलालों को हुआ।

नोटबंदी से देश की करीब करीब सभी कंपनियों का लाभ घटा वहीं अंबानी, रामदेव और जय शाह ने लाभ कमाने में पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए।

नोटबंदी से कालेधन पर लगाम की बात सबसे बडा जुमला साबित हुई। देश में 500 और 1000 के नोट के रूप में कुल 15.44 करोड़ की मुद्रा चलन में थी। नोटबंदी से पहले सरकार ने तीन लाख करोड़ का काला धन देश में बताया था। इसे ही  ड्रेन करने के लिए नोटबंदी की गयी थी। मगर RBI की रिपोर्ट के आनुसार 99 फीसदी पुरानी करेंसी वापस आ गयी। तो क्या देश में काला धन एक फीसदी से भी कम निकला? नहीं यह धन शिफ्ट हुआ और जय शाह, रामदेव जैसों की कंपनियों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया।

2015 के बाद लगातार नीचे जा रही चीनी अर्थव्यवस्था में भारत में बंद होती कंपनियों से नयी जान पड़ गयी है। विश्व मुद्राकोष ने गत अक्तूबर में जारी पूर्वानुमान में चीन की जीडीपी विकास दर 6.8% रहने का अनुमान बताया है। 2016 में पिछड़ चुका चीन हमें एक फीसदी से ज्यादा के अंतर से पीछे धकेलने को तैयार है। वहां रोजगार दर भारत से कहीं अच्छी हुई है।

भारत में नोटबंदी से करीब ढाई से तीन लाख कंपनियां बंद हुई हैं। सवा दो लाख कंपनियों के बंद होने की बात तो सरकार खुद मान रही है। सिर्फ इज्जत बचाने के लिए इन सबके शेल कंपनियां होने का झूठ बोला जा रहा हैं। हालांकि इनमनोटबंदी्यादतर फाइनेंशियल क्रंच, आर्डर न मिलने और लेबर के पलायन सेसबंद हुईं। इनके आर्डर बडी़ संख्या में चीनी कंपनियों को शिफ्ट हुए और उनमें नयी जान पडी़। चीन से आयात 411 अरब से ऊपर जाता दिख रहा है। (क्रमश:)

3 comments:

mishra said...

सर कमीशन हो या लूट दोनों ने ही आमजन को तकलीफ दी, दोनों समय में सत्ता का दुरुपयोग हुआ है। दोनों ने अपनी जेबें भरी हैं। ये सच है कि rbi ने माना है कि 99 प्रतिशत पुरानी करेंसी वापस आयी है जो कि चिंतनीय है। इसमें जिस पर सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया गया उन्होंने गद्दारी की और वो हैं बैंक और पोस्टऑफिस कर्मी। इन लोगों ने नोटबन्दी के दौरान खूब पैसा कमाया।

mishra said...

सर कमीशन हो या लूट दोनों ने ही आमजन को तकलीफ दी, दोनों समय में सत्ता का दुरुपयोग हुआ है। दोनों ने अपनी जेबें भरी हैं। ये सच है कि rbi ने माना है कि 99 प्रतिशत पुरानी करेंसी वापस आयी है जो कि चिंतनीय है। इसमें जिस पर सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया गया उन्होंने गद्दारी की और वो हैं बैंक और पोस्टऑफिस कर्मी। इन लोगों ने नोटबन्दी के दौरान खूब पैसा कमाया।

Deepak Saini said...

सब काम बंद हो गये