Friday, August 4, 2017

भूतों और चुडै़लों का सच

चेतावनी : 

इस पोस्ट को रात 12 बजे न पढे़ं। अगर डर लगे तो हनुमान चालीसा पढे़ं। ईसाई हैं तो यीशु का नाम लें। मस्लिम हैं तो आयत अल कुर्सि पढे़ं। आब ए जम जम पिएं।

भूतों और चुडै़लों का सच एक रहस्य है। प्रायः सभी धर्मों के लोगों इनके बारे में बचपन से ही बताया जाता है । हिंदू,  मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध आदि के धर्मग्र्थों में इन बुरी आत्माओं का उल्लेख मिलता है और इनसे निपटने के आडंबर और टोटकों से ओझाओं की रोटी और बोटी चलती है।

उत्तर भारत के कुछ राज्यों में आजकल चोटी काटने वाली चुडै़ल  और भूत का खौफ तेजी से फैल रहा है। राजस्थान; हरियाणा, यूपी और पंजाब मे महिलाओं की चोटी कटने के मामले सामने  आ रहे हैं ।

आखिर ये भूत चुडै़ल क्या हैं? अथर्ववेद कहता है कि ये बुरी आत्माएं हैं । आत्माओं के भटक जाने से इनकी उत्पत्ति हुई। अन्य धर्मग्रंथ भी ऐसा कहते हैं। मगर नहीं। भूतों और चुडै़लों की उत्पत्ति प्रेम संबंधों से हुई ।

मानव सभ्यता ने जब स्त्री-पुरुष प्रेम की वर्जनाएं बनाईं तब से लिप्साएं भूत बनकर डराने लगीं। भूतों की आड़ में बहुत से प्रेमपरवान चढे़। बहुत से प्रेमी ओझा बनकर भूत उतारने और चढ़ाने में सफल रहे।

भूतों की कहानियों ने प्रेमियों की प्रेमलीलाओं को बेखलल बनाया है। बच्चों को भूत प्रेत के किसे इसलिए सुनाए जाते हैं ताकि कभी रात में उनकी नींद टूटे तो वे अंधेरे में प्रेमरत सायों को देखकर उत्सुकता से आंखें न फाड़ें बल्कि उन्हें भूत समझकर डर से आंखें मूंद लें।

बचपन से ही सुनाई जाने वाली भूतों की कहानियां जब जवानी में भी सच लगें तो ये मनोरोग बन जाती हैं। ये क्या मनोरोग हैं? क्या चोटी कटना भी कोई मनोरोग है। इसकी चर्चा हम अगले लेख में करेंगे।  


No comments: