Tuesday, July 4, 2017

गुरु को होश तब आया

सुधीर राघव


जीएसटी क्या है क्यों है कैसा है, ऐसे समझाया
मचलते समंदर को उसने एक टॉफी से  बहलाया

हमें तुम क्या  सिखाओगे देशभक्ति, सीख लो उससे
लिपटकर आज तिरंगे में जिसके बेटे का शव आया

सजदा करना था तो करता शहीद की मां के कदमों पर
मगर तू उड़ गया लाहौर दुश्मन के तलवे चाटकर आया

सिर्फ पाला ही नहीं था, खूब टुकडे़ भी खिलाए थे
जब काटा जांघ पर उसकी, गुरु को होश तब आया

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