Tuesday, October 7, 2008

कहत कत परदेसी की बात- प्रसंग पहेली का हल

कहत कत परदेसी की बात

मंदिर अरध अवधि बदि हमसो

हरि अहार चलि जात।
प्रसंग- यह पंक्तियां सूरदास के पद से है। यह पद उनके भ्रमर गीत में संकलित है। इन पंक्तियों में गोपियां उद्धव से कृष्ण के बारे में पूछ रही हैं।
व्याख्या - गोपियां कहती हैं हे उद्धव उस परदेसी की बात तो कहो, जो हम से पंद्रह दिन में लौट कर आने की बात कह कर गया था (मंदिर अरध का अर्थ पंद्रह दिन इस तरह किया गया है, मंदिर कहते हैं घर को और घर के आधे हिस्से को ब्रज में पखवारा कहा जाता है और एक पखवाड़े में पंद्रह दिन होते हैं) और महीने के महीने बीते जा रहे हैं ( हरि अहार का अर्थ महीने किया गया है, हरि कहते हैं विष्णु को और हरि शेर को भी कहा जाता है, शेर का अहार है मांस इसीसे मास का अर्थ लिया गया है।)
(सूरदास जी ने अपने पूरे पद में इसी तरह अपनी प्रतिभा दिखाई है। इस पद की अंतिम दो पंक्तियों का हल विद्वान अभी तक नहीं तोड़ पाए हैं। सोतड़ू जी के सौजन्य से इस पद की पहली दो पंक्तियां रोचक पहली बन गईं)

2 comments:

Bharat Vishwakarma Advocate said...

और पंक्तियाँ कहाँ गई

Akash Kori said...

Can you give full
meaning