वीर सेना और कायर सम्राट

अमेरिका और यूरोपीय देश अपनी सेना का इस्तेमाल अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, जार्डन जैसे दूसरे मुल्कों के खिलाफ करते हैं। दूसरे देश को फतह कर जब सैनिक लौटता है, गर्व से फूली जनता जहां से सैनिक गुजरता है खडे़ होकर सेल्यूट करती है।

मगर हमारा डरपोक और कायर शासक सेन को पाकिस्तान  नहीं जाने देता। खुद जाता है और पांव छूकर आ जाता है। वह अपनी ही सेना को अपने ही सिविलियन इलाकों में तैनात करता है। ऐसे कायर शासकों की वजह से दुनिया की नंबर वन सेना अपने ही देश में अपने ही लोगों से पत्थर खाने को विवश है।

हे कायर सम्राट! अपने ही देश में अपने वीर जवानों को कत्ल मत कराओ। उन्हें भी जाने दो। इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराने दो। आतंकवाद को हमेशा के लिए मिटाने दो। हमारे जवानों ने पाकिस्तान के अंदर 200 किलोमीटर से अधिक दायरे में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया और तुमने उन्हें दाऊद और सईद को उठाकर लाने की इजाजत तक नहीं दी।

हे कायर सम्राट! तुम इजाजत देते तो सेना पठानकोट हमले के बदले नवाज शरीफ को उठा लाती। पाकिस्तान के चार टुकडे़ कर देती। वह 1971 में ऐसा करके दिखा चुकी है। मगर तुमने तो कायरता की हद पार करते हुए पठानकोट हमले की जांच ही आईएसआई को सौंप दी।

हमारे वीर जवानों को पत्थर पड़ने के लिए सम्राट तुम दोषी हो! क्योंकि तुम कायर हो। क्योंकि तुम सेना को पाकिस्तान नहीं जाने देते बल्कि खुद बिरायनी खाने पहुंच जाते हो।

एकबार सेना को पाकिस्तान जाने दो। मैं यकीन से कहता हूं सुबूत के लिए कोई वीडियो जारी करने की जरूरत नहीं होगी। लाहौर और इस्लामाद पर लहराता तिरंगा इसका सुबूत होगा। पिटा हुआ पाकिस्तान इसका सुबूत होगा।

Comments