किसान का गन्ना

यह किसान का
गन्ना है
अपने आप में
अन्ना है
बातों से न
बहलेगा
तुझसे अच्छा
खेलेगा
राजनीति का
दाना है
वाटरलू
कैराना है
दाढ़ी तेरी
चिकनी है
दो कौड़ी में
बिकनी है

छोटा मुंह और
झूठी बात
जनता सहे
गधे की लात
अबके गधा
भगाना है
सबने मिलकर
ठाना है
तेरा भंडा
फूट रहा
झूठ का अंडा
टूट रहा
अब घोडी़ पर
बन्ना है
यह किसान का
गन्ना है
अपने आप में
अन्ना है

#सुधीर_राघव

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