थोकतंत्र

गधों ने गधे खरीद लिए और
थोकतंत्र मजबूत हुआ
गन से धन की धमक हुई और
ठोकतंत्र मजबूत हुआ
धन्य धन्य कह उठा भक्त और
लोकतंत्र मजबूत हुआ

चोर चोर का शोर मचा सच को
नाके पर रोक लिया
झूठ चला तब इतरा कर और
रोकतंत्र मजबूत हुआ
क्विक फिक्स की मजबूती
अपराधी बुद्धि से आती है
काशी में दबे कुछ मगहर में और
होंकतंत्र मजबूत हुआ

#सुधीर-राघव

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