चने से सस्ती चने की दाल, ये कैसा खेल और किसका माल

आजकल बाजार में काले चने से सस्ती चने की दाल बिक रही है। कभी नब्बे-सौ रुपये किलो बिकी यह दाल आजकल 52 से 55 रुपये किलो बिक रही है। काले चने के दाम 58 से 65 हैं।

यह क्या खेल है और यह कैसे संभव? चने से ही बनने वाली चीज उससे ही सस्ती बिक रही हो। इन सवालों के जवाब खोजोगे तो जान जाओगे कि सरकार किसानों को कैसे बर्बाद करती है।

चने की नई फसल बाजार में आने वाली है। किसान अच्छे दाम की उम्मीद कर रहा। मगर किसान की फसल बाजार में आने से पहले ही सरकार ने 7 लाख टन दाल स्टाक व्यापारियों को बहुत ही सस्ते दाम पर थमा दी है। दाल से व्यापारियों के गोदाम भर गये हैं। ऐसे में वे दाल के लिए किसान से महंगे दाम चना क्यों लेंगे।

किसान जब चने की फसल लेकर मंडी पहुंचेगा तो खरीदार कम होंगे। ऐसे में कौडि़यों के भाव फसल बेचने को किसान मजबूर होगा।

नेता को चंदा व्यपारी ही देता। किसान नहीं देता। अन्ना एक प्रायोजित फ्लाप नाटक खेलकर किसानों पर सरकार की जीत का जूस पी चुके हैं।

सरकार के दाल के इस खेल में सबसे ज्यादा किसे फायदा है? अगर इसका अनुमान लगाना है तो रिलायंस के रिटेल स्टोर, अडानी की थोक फूड चेन और बाबा की किसी दुकान का चक्कर लगा आएं।

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