सर स्टीफन हॉकिंग का जाना ऐसा निर्वात जिसमें बिगबैंग तय

ईश्वर और सत्य की तलाश के दो रास्ते हैं। एक आदिम जिसे धर्म कहते हैं और दूसरा है फिजिक्स। धर्म धीरे धीरे आडंबर और पाखंड की दुकान बनते गये और समाज में सत्ता हथियाने और शोषण का प्रतीक बनकर रह गये तो दूसरी और फिजिक्स ने असंभव कार्यों को संभव बनाया और इंसानों की ईश्वर सरीखी ही मदद की।

आइंस्टीन, सत्येंद्रनाथ बोस से स्टीफन हॉकिंग तक भौतिकी वैज्ञानिकों की एक लंबी शृखंला है, जिसने ईश्वर और उसके द्वारा रची गई सृष्टि के प्रति इंसानी समझ को लगातार बढा़या। इंसानी सभ्यता इन महर्षियों की हमेशा ऋणि रहेगी।
स्टीफन विलियम हॉकिंग के जाने से विज्ञान की दुनिया में एक बडा़ निर्वात बना है जिसे उनके विचारों की ऊर्जा लगातार मथती रहेगी। ऐसे ही महान निर्वातों में बिगबैंग होता है और रोशनी के नये ब्रह्मांड रचते हैं।

स्टीफन हाकिंग को श्रद्धांजलि, उन्होंने ईश्वर और सत्य के प्रति इंसानी समझ को और बढा़या। हम इंसान सदैव आपके ऋणि रहेंगे।

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