नीला चांद


31 जनवरी को 151 साल बाद ब्लूमून स्थिति वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखेगा। यह ग्रहण 77 मिनट का होगा।

 इससे पहले 31 मार्च 1886  को ब्लू मून दिखा था। इसबार चांद धरती के दक्षिण हिस्से की छाया से गुजरेगा।

दुनिया भर के खगोलविदों और वैज्ञानिकों के लिए ग्रहण नये प्रयोग करने का मौका होता है मगर हम हिंदुओं के लिए इसके मायने कुछ अलग होते हैं।

काफी पहले ही सूतक लग जाते हैं। सभी नये और अच्छे काम वर्जित होते हैं। मंदिरों के कपाट बंद  कर दिए जाते हैं। पालतू मवेशियों के सींग गेरू से रंग दिए जाते हैं। पका खाना दूषित मान लिया जाता है। इस सबसे बढ़कर टीवी पर सुबह से शुरू हो जाता है कि किस राशि के लिए ग्रहण का क्या प्रभाव है। क्या उपाय करें।

ढोंग का सबसे बडा़ नुकसान यह है कि वह जिज्ञासाओं को मार देता है। जिज्ञासाहीन समाज ही पिछड़ते जाते हैं और गुलाम हो जाते हैं।


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