पटाखों को हिंदुओं से जोड़ना एक साजिश

कृपया पटाखों को हिंदू धर्म से जोड़ने की मूर्खता न करें। पटाखों का आविष्कार सातवीं सदी में चीन में हुआ। आज भी चीन दुनिया में इनका सबसे बड़ा उत्पादक है।

तेरहवीं सदी में अरब में गन पाउडर का इस्तेमाल होने लगा था। पंद्रहवीं सदी में पहली बार इंग्लैंड के राजा हैनरी ने सार्वजनिक रूप से बडे़ पैमाने पर आतिशबाजी का इस्तेमाल शुरू कराया। भारत में सोलहवीं सदी में पश्चमी हमलावर पटाखों की परंपरा अपने साथ लाए।

हेमचंद्र हेमू उत्तर भारत में पहले ज्ञात बडे़ हिंदू शोरा बारूद व्यापारी थे। बारूद  की कमाई और अपने साहस से लगातार 22 लडा़इयां जीतकर वह राजा बने। पानीपत की दूसरी लडा़ई में उन्होंने मुगलों से लोहा लिया।

भारत में दिवाली सदियों से मनाई जा रही है। इसका इतिहास ईसा से भी कई सौ साल पूर्व तक जाता है। जाहिर है तब घी के दिए जलते थे और आतिशबाजी नहीं होती थी।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता सही है मगर कुछ भगत टाइप लोग इसे धर्म से जोड़कर समाज में नफरत की राजनीति कर रहे हैं।

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