हनीप्रीत का रहस्य

पुलिस के आला अधिकारियों के घेरे में रोहतक की सुनारिया जेल तक राम रहीम के साथ आई हनीप्रीत रहस्यमय तरीके से गायब है।

उसके किस्से अब हर तरफ हैं मगर कोई पुष्ट खबर नहीं है। पंचकूला पुलिस अब उस शिद्दत से ढूंढ रही है।

लोगों के बीच कई तरह की बाते हैं। कुछ कह रहे हैंं कि हनीप्रीत बाबा के साथ जेल में ही है। बाबा की कमर में दर्द रहता है और उसने एक्यूप्रेशर के डाक्टर के रूप में नीप्रीत को साथ रखने की मांग की थी। सरकार ने अहसान उतारते हुए यह मेहराबानी दिखाई है। इसलिए बारह चक्की बैरक से सारे कैदी हटाकर अकेले बाबा को रखा गया है।
25 अगस्त को हेलिकॉप्टर में बाबा के साथ आई हनीप्रीत मीडिया की नजर में आ गयी थी। कहने वाले कह रहे हैं कि सिर्फ इसलिए  ही उसे जेल से एक बार हटाकर रोहतक में ही एक अनुयायी के घर भेज दिया गया था। उसी रात वह वहां से गायब हो गयी। कहते हैं उसी रात दो बजे बाबा के मांगने पर जेल मेंं दूध भी भेजा गया था।

मगर ये ऐसा किस्सा है, जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। देश में कानून का शासन है। इतनी भी अंधेरगर्दी नहीं है।

एक और किस्सा चल रहा है,   जिसके अनुसार  हनीप्रीत ही सीबीआई का मुख्य सूत्र थी जिसने बाबा के खिलाफ सुबूत जुटाने में मदद की। इसलिए सीबीआई ही उसे हेलीकॉप्टर में साथ लाई और उसे सुरक्षित जगह पहुंचा दिया है। यह किस्सा भी गले नहीं उतरता। क्योंकि ऐसा था तो पंचकूला पुलिस  उसे क्यों ढूंढ रही है?

कोई कहता है कि हनीप्रीत देश छोड़ चुकी है। कोई कहता है कि वह राजस्थान में उनके पैतृक घर में है।

बाबा और हनीप्रीत  के जैसे और जितने किस्से मीडिया में चल रहे हैं, उन पर बाबा का अखबार सच कहूं भी अपने पहले पेज पर टिप्पणी कर रहा है। वह पत्रकारों को कलयुगी  पत्रकारबता रहा है। यह और बात है कि उसे बाबा के क्रियाकलापों में कभी कलियुग नहीं दिखा।

इन किस्सों से अलग हनीप्रीत की एक कहानी है। फतेहाबाद की प्रियंका तेनजा का परिवार पिछली दो पीढ़ियों  से डेरे का भक्त था। किशोरवय से जवानी की ओर बढ़ रही प्रियंका बाबा के संपर्क में आई।

1998 का वर्ष रामशरण दास के परिवार के लिए बहुत से बदलाव लेकर आया। इसी साल उनकी पोती प्रियंका की शादी बाबा की कृपा से पंचकूला के एक अच्छे परिवार में हो गयी। फतेहाबाद में तंग गली का किराये का मकान छोड़कर परिवार ने अपना मकान बना लिया। प्रियंका के पिता ने टायरों की कंपनी की डीलरशिप ले ली।

उधर, प्रियंका के पति ने कई तरह के आरोप लगाए। आखिर 2007 में दोनों का तलाक हो गया और प्रियंका कोबाबा ने गोद लेकर हनीप्रीत नाम दिया। उसी साल हनीप्रीत का परिवार अपना सबकुछ समेटकर डेरे में रहने चला गया। आज हनीप्रीत देश में सबसे चर्चित नाम है।

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