विकास का नया मॉडल


तीन साल से जनता विकास खोज रही थी। आधे इस उम्मीद में थे कि विकास कालाधन लाने स्विस बैंक गया है। वह जल्द लौटेगा और उसके आने पर घी दिए जलाएंगे।

मोदी जब भी विदेशी दौरों पर जाते थे तो जनता को लगता था कि इसबार जरूर विकास को लेकर लौटेंगे। मगर ऐसा कभी न हुआ।

कुछ अतिविश्वासी जीव निराश और बेरोजगारों को यह कहकर आसा की किरण दिखाते थे कि भाई विकास तो गुजरात में हुआ था। देखना एक दिन जिओ का 4जी डाटा लेकर. लौटेगा।

सरकार भी दाव कर रही थी कि उसने विकास का मॉडल बना लिया है। देश तरक्की करेगा। ऐसा तीव्र विकास होगा कि लोग देखते रह जाएंगे।

ठीक ऐसा ही हुआ। लोग दंग रह गए,  जब उन्होंने देखा कि विकास खबरों में छाया है। वह सोशल मीडिया मे वायरल है। वह लड़कियों के पीछे भटकता है।

यह विकास का वह माडल है जिसमें किसान से एक रुपया किलो प्याज खरीद कर जनताकि को 40 रुपये किलो बेची जाती है।

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