पप्पू की अम्मा की चोटी कटी

सुधीर राघव

अफवाहें और अंधविश्वास ! हमेशा से सामंती सरकारों के मुख्य हथियार रहे हैं। ऐसी सरकारें धन्ना सेठों के पैसे से चलती हैं। धनपतियों के खजाने भरने के लिए जनता पर कर का बोझ बढा़या जाता है और किसानों का शोषण किया जाता है। शोषण और भ्रष्टाचार से तंग जनता की आहों और कराहों को देशभक्ति की धुनों के शोर से दबाया जाता है।

भाजपा शासित राज्यों हरियाणा और राजस्थान में आजकल महिलाओं की चोटी कट रही है। साथ ही अफवाह फैलाई जा रही है चोटी कटने के तीसरे दिन महिला मर जाती है। 

राजस्थान में साल के अंत तक चुनाव होने हैं। अमित शाह की नजरे मिशन 2025 पर हैं। चुनाव जीतने में अफवाहें कारगर होती हैं। मौत का भय आस्था के धोखे में अंधविश्वास तक ले जाता है। अफवाहों की आंधी से धर्म  का पेड़ हिलाया जाता है और राजनीति की चादर फैलाकर फल बटोर लिए जाते हैं। बीफ की अफवाहों ने यूपी चुनावों में खास भूमिका निभाई। राम मंदिर बन जाएगा, इस अफवाह ने 1995 से 1999 तक सारे चुनावी समीकरण बदल दिए। जबकि मामाला सुप्रीमकोर्ट में है और फैसला उसे ही करना है न कि किसी सरकार को। इसके बावजूद जनता अफवाहों के झांसे में आई। इसी तरह 2014 के चुनाव में अच्छे दिन आने और सभी के खातों में 15 लाख आने की अफवाहों ने मोदी लहर पैदा की। हालांकि 2004 में फीलगुड की अफवाह फेल रही थी। इसे पहले 1971 में गरीबी हटाओ की अफवाह ने अपना रंग दिखाया था।  

अब अफवाहों का तरीका ठेठ पुराना हो गया है।  पप्पू की अम्मा की चोटी कट गई है। दहशत से उसका गला सूखा है और टीवी पर जल्दी जल्दी बता रही है कि कैसे क्या हुआ। गांवों में पुरुषों के कंधों पर नई जिम्मेदारी  आ गयी है। वे रातभर हाथ में लठ लिए चोटी काटने वाले को ढूंढ रहे हैं।

असली चोटी तो बिहार में कटी है। वहां सरकार के चोटी के पद को ही काटकर उसके नीचे की सरकार बदल दी गयी। वहां राजद वाले चोटी और उसे काटने वाले दोनों को ही गरिया रहे हैं।

इधर भ्रष्टाचार के मामले में देश ने खूब तरक्की कर ली है। पाकिस्तान को भी पीछे छोड़ दिया है। पनामा पेपर्स लीक में अपने पीएम को सजा सुना वह ईमानदारी में भारत से आगे निकल गया है। हमारे यहां तो जिन धनकुबेरों के नाम पनामा पेपर्स में दर्ज थे सरकार को उनकी खातिरदारी और मान मनौव्वल से ही फुर्सत नहीं। उनके प्रतिनिधि पीएम के साथ विदेशी  दौरों पर जाते हैं और नये नये सौदे करते हैं। देशभक्ति की आड़ में नये पनामा टाइप पेपर रचे जा रहे हैं।

ये ऊंची बातें हैं। सरकार चाहती है कि पप्पू की अम्मा सिर्फ  अपनी चोटी की फिक्र करे।

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