जनता से माफी मांगने और पीएम बदलने का वक्त

Sudhir Raghav
नोटबंदी भ्रष्टाचार का नया साधन साबित हुआ है। बहुत से बैंक अधिकारियों और भ्रष्ट भाजपा नेताओं के लिए यह माल कमाने का नया मौका बनकर आया है।
दूसरी ओर जनता परेशान है। काम धंधे रुक गए हैं। किसान फसल नहीं बो पाये। लोगों का दिन एटीएम और बैंकों की लाइन में बीतता है। बहुतों को तब भी पैसे नहीं मिलते। बैंक नो कैश का बोर्ड लगा देते हैं।
भाजपा के लिए यह जनता से माफी मांगने का वक्त है। यह प्रधानमंत्री बदलने का वक्त है। मोदी जी को मगरूरता छोड़कर जनता को हो रही दिक्कतों के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उनकी सनक ने देश की अर्थव्यवस्था चौपट कर दी है। भ्रष्ट बैंक अफसरों के पौबारह हैं।
आम और गरीब भारतीय को हेय, हीन और भ्रष्ट मानने का अवगुण संघियों ने निस्संदेह अंग्रेजों से सीखा होगा।
इन्होंने उनके ही चरणों में जरूर कसम खाई होगी कि जब हमारा राज आएगा हम जनता को तुम्हारी तरह ही प्रताड़ित करेंगे।
इनके वित्तमंत्री जेटली तो साफ कहते हैं कि पिछले 70 साल में कुछ सामान्य नहीं रहा। यानी अंग्रेजों के राज में ही इन्हें सब सामान्य लगता था। भले ही तब ये पैदा भी न हुए हों।

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