विकास की ताजा तस्वीर

सुधीर राघव
विकास का पहिया
गोमूत्र और गोबर के भरोसे
कितना घूमेगा
कितना दौडे़गा
कैसे चलेगा
कहां तक चलेगा
देश की यह नई छवि
घड़ रहे हैं हमारे राज्य
सड़कों पर घूमता
लावारिस गोवंश
मेवात की बिरयानी
दादरी का अखलाक
बांधकर पीटे जाते दलित
गोरक्षा के लिए कुकर्म करते भक्त
और माल कमाता बाबा
गोमूत्र और गोबर से बनी
देश के विकास की
यह एकदम ताजी तस्वीर है
इसे सूखने में
बस थोड़ा वक्त लगेगा
मगर हर चुनाव में
भगवा गुंडई का
दहकता धधकता अलाव जलेगा।।

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