मोदी जी का चीन प्रेम और भक्तों का विरोध

चीन के नेताओं को प्रेम से झूला झुलाने वाले मोदी जी। चीन पर प्रेम लुटाने वाले मोदी जी। पटेल की प्रतिमा चीन से बनवाने वाले मोदी जी। आयात बाधाएं हटाने वाले मोदी जी।
मगर, इधर भक्तों ने अचानक चीन के सामान के बहिष्कार का नारा बुलंद किया तो माथा ठनका कि धर्म के नाम पर देश के लोगों को लड़वाने वाले इन गद्दारों में अचानक देशभक्ति कैसे जाग उठी। इनमें तो सारे खुद व्यापारी और चीनी माल के डीलर हैं, इनकी मरी आत्मा कैसे जाग उठी।
कहते हैं, वक्त और बाजार सारी पोल खोल देता है। अब बाजार ने इनकी पोल खोलनी शुरू कर दी है। दिवाली के लिए माल के सारे आर्डर और पैमेंट तो ढाई तीन महीने पहले ही चीन जा चुके थे। वहां से माल भी आ गया और इस माल पर मोटा मुनाफा कमाने के लिए ही भक्त मंडली ने चीन विरोध का नारा बुलंद किया है।
इनका गणित साफ है। चीनी माल की भारतीय पैकिंग जा रही है। बिजली की जो चीनी LED तीस या चालीस रुपये कि पिछले साल मिल रही थी। इस साल उन्हीं LED लड़ियों को मेड इन गोवा और मुंबई कहकर ढाई सौ रुपये में बेचा जा रहा है। सजावट का सारा चीनी माल भारतीय कहकर दसगुनी कीमत तक बेचा जा रहा है। इतना मोटा मुनाफा है कि भक्तों की तो पौ बारह हो गई है।
भक्तो की इन हरकतों से चीन खुश है और उसका मीडिया कह रहा है कि भारत उनके माल के बिना रह ही नहीं सकता। इन भक्तों ने पहले दालों में कालाबाजारी कर माल कमाया और अब चीनी माल से मोटा माल कमाने में जुटे हैं। धिक्कार है इन चोरों को और इनके नेता को, जो मिलकर भोलीभाली जनता को लूट रहे हैं।

Comments

Popular posts from this blog

चौकीदार का स्विस एकाउंट

जब जब धर्म को ग्लानि होती है, मैं उसका उत्थान करने स्वयं आता हूं : ईश्वर

कहत कत परदेसी की बात- प्रसंग पहेली का हल