विजय दशमी उर्फ दशहरे का भाषण

सुधीर राघव
मित्रो!
हमारी सरकार को ढाई साल हो गए हैं। इस आधे कार्यकाल में हमने पूरा काम कर डाला है।
मित्रों! जो साठ साल में न हुआ वह हमने किया। हम विदेशों में जमा भारत का 20 लाख करोड़ रुपये का कालाधन वापस लाए। यह पैसा इतना है मित्रो कि अगर हम चाहते तो हर भारतीय के खाते में 15 बीस लाख रुपये ऐसे ही आ जाते। और तो और इस कालेधन में फिर भी इतना बचा रहता कि बाबा के लिए पांच छह जोड़ी सलवार सूट भी सिल जाते।
मगर मित्रो हमने ऐसा नहीं किया। जानते हो क्यों?.....बस मित्रता के लिए। अरे हमने देखा कि जिनका कालाधन विदेश में जमा है, वे तो सब अपने ही मित्र है।
मैं भारत के एक सौ बीस करोड़ लोगों से पूछना चाहता हूं कि मित्र का पैसा लेना पाप है कि नहीं। ...हां यह पाप है और हमारी सकार को यह गर्व है कि हमने यह पाप नहीं किया। हमने कहा, मित्रो तुम अपना कालाधन रखे रहो। हमें तुम्हारा यह काला धन नहीं चाहिए। हमें मित्र का धन नहीं चाहिए। हम खुद धन पैदा कर लेंगे।
मित्रो! इसके बाद हमने देशभर के आयकर अधिकारियों की बैठक बुलवाई। हमने उनसे साफ कहा- अरे अफसरो! हमें अंबानी का पैसा नहीं चाहिए। हमें अडानी का पैसा नहीं चाहिए। हमें टाटा बिडला से भी पैसा नहीं चाहिए। तुम अधिकारी लोग उनके पास जाओ जो गलियों में सारा दिन घूमकर साइकिल पर कुलचे छोले बेचते हैं। ठेले पर पानी पूरी, पाव भाजी, सब्जी फल बेचते हैं। जाओ उनका सर्वे करो। उनसे कालधन डिक्लेयर कराओ। मैंने उनसे पूछा, इस काम में कितना समय लगेगा तो उन्होंने कहा एक साल। मैंने कहा, एक साल नहीं। दो महीने में यह करके दिखाओ।
मेरे प्रिय देशवासियो! आपको यह जानकर गर्व होगा कि पटपड़गंज के एक कुलचे वाले ने अपना पुश्तैनी घर बेचकर सरकार के आगे 25 लाख रुपये का कालाधन डिक्लेयर किया। हमारे अफसरों के कहनेभर से उस गरीब कुलचेवाले ने कहा- मैं किराये के मकान में रह लूंगा, अपने बच्चों को नहीं पढाऊंगा मगर कालाधन जरूर डिक्लेयर करूंगा।
मित्रो ! ऐसे कुलचेवाले के प्रति मेरा सिर श्रद्धा से झुक जाता है जो देश की प्रगति के लिए अपने मेहनत के धन को भी काला धन घोषित करता है।
भाइयो बहनो! आपको यह जानकर खुशी होगी कि पूरे देश में 75 हजार लोगों ने 71 हजार करोड़ का कालाधन डिक्लेयर किया है। वही अफसर हैं। वही लोग हैं। बताओ ऐसा पिछले साठ साल में हुआ था। मित्रो यही असली विजय दशमी है। हमने काले धन के रावण को मार गिराया है।

Comments

jeevan duniya said…
bahoot khoob, sir aisa laga, jaise fenku ka original bhasan ho
जीवन जी धन्यवाद।

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