सिद्धू को हवा में खेलना ही पसंद

सुधीर राघव
क्रिकेट में ऊंचा शॉट खेलने के लिए मशहूर नवजोत सिंह सिद्धू ने सियासत की पिच पर भी वही अंदाज दिखा दिया है। करीब डेढ़ महीने से कैच के लिए फिल्डिंग सजाए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अब आसमान की ओर ताक रहे हैं। सत्ता के डगआउट में बैठी शिअद के लिए यह तालियां बजाने का वक्त है।
देश में शायद यह पहला मौका है, जब किसी नई पार्टी या मोर्चे की पहली घोषणा औपचारिक प्रेसकान्फ्रेंस में नहीं, बल्कि फेसबुक के जरिए हुई है। बात भी सीधी
नहीं कही गई है। पेनाल्टी कॉर्नर के माहिर पगट सिंह के जरिए अलग मोर्चा बनने की खबर मीडिया में आई। हालांकि अंदाज चौंकाने वाला था मगर इसका आभास
लोगों को पहले से था कि सिद्धू अलग पार्टी बना सकते हैं। आम आदमी पार्टी को उनकी शर्तें स्वीकार नहीं थीं और पलक पावड़े बिछाए इंतजार कर रही कांग्रेस को लेकर उन्हें खुद ही हिचक होगी।
आभासी दुनिया के जरिए उतरने का आभास देकर कोई और खेल भी खेला जा सकता है। आखिर इस आवाज-ए-पंजाब मोर्चा में मझे हुए खिलाड़ी हैं, जो खेल को रोचक बनाने के लिए जाने जाते हैं। अकाली दल से बगावत कर सिद्धू के साथ आ रहे परगट सिंह अपने समय के देश के सबसे शानदार ड्रेग ‌फ्ल‌िकर रहे हैं।
पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने का उनका रिकार्ड शानदार है।पंजाब की सियासी बिसात पर असली मोहरे सजने अभी बाकी हैं। खेल की दिशा तय होने से पहले फेर बदल की खूब गुंजाइश है, क्योंकि चुनाव अगले साल होने हैं। ऐसे में सिद्धू और परगट के कौशल की परीक्षा इस चुनौती के साथ है कि सियासत के ‌खेल में न तो कोई थर्ड अंपायर है और न ही इसमें पेनाल्टी कॉर्नर का तोहफा मिलता है। इसमें कुछ खास किस्म का कौशल चाहिए।
सिद्धू हवा में खेलने के शौकीन हैं। हवा में खेलने का खतरा भी है। नवर्स नाइंटीन का शिकार होने के मामले में सिद्धू का रिकार्ड खराब रहा है। मगर वह अमृतसर में भाजपा के लिए शानदार पारी खेलते रहे हैं। अब देखना ह है कि इसबार वह अपने दम पर गेंद जनता तक पहुंचा पाते हैं कि नहीं। आइए इसका इंतजार करते हैं।

Comments

Sunil Abhimanyu said…
सर क्या ऐसा नहीं लगता कि सिद्धू के इस कदम से आगामी चुनाव में वोटों का बंटवारा होगा जिसका सीधा फायदा सत्ताधारी पार्टी को हो सकता है
इसीलिए तो लिखा है कि सत्ता के डगआउट में बैठी शिअद के लिए यह तालियां बजाने का वक्त है।

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