अगर मैं पीएम बन जाऊं

सुधीर राघव
लगता है मोदी जी ऐसे ऐसे कारनामें करेंगे कि लोग मोहम्मद बिन तुगलक को भूल जाएंगे।
26|11 के बाद दुनिया में अलग थलग पड़े पाकिस्तान को मोदी जी ने चुनाव जीतते ही शपथ ग्रहण समारोह में बुलाकर प्यार लुटाया। फिर हर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नवाज से चिपट चिपट कर मिलते। इतना ही नहीं डेढ़ साल में ही लाहौर पहुंचकर चरणों में भी लौट लगा दी।
देश के दुश्मन को गले लगाना देश से गद्दारी होता है और यह साबित भी हुआ। नवाज शरीफ ने इस मूर्खता का लाभ उठाकर पलटकर पठानकोट और उड़ी कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में जहर उगला और इसकी भी शर्म नहीं कि मोदी जी ने उनके घर आकर पांव पकड़े थे।
अब मोदी जी फिर से पाकिस्तान को अलग थलग करने के रास्ते तलाश रहे हैं। यानी लौटकर दौलताबाद से दिल्ली आए वाली स्थिति है। मोदी जी मुख्यमंत्री से सीधे प्रधानमंत्री बने हैं इसलिए वह देश पर उल्टे सीधे प्रयोगकर विदेश नीति सीख रहे हैं।
पाकिस्तान को अलग थलग करने के नाम पर भी मोदी जी क्या कर रहे हैं? पाकिस्तान हमें मारकर चला गाया और हम आंसू बहाकर कह रहे हैं ओबामा जी ओबामा जी पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करो। यूएन में गिड़गिड़ा रहे हैं -अध्यक्ष महोदय जिनके घर शीशे के होते हैं वे औरों पर पत्थर नहीं फैंकते।
अरे अमेरिका क्या जाते हो। पाकिस्तान जाओ न। पीओके और बलूचिस्तान में झंडा फहराकर आओ न। अगर आज मैं प्रधानमंत्री होता तो वही करता जो बचपन में किया था। भाइयो और बहनो। बचपन में एक लड़का मेरी पीठ पर मुक्का मार कर दौड़ गया। मैंने भी पीछा नहीं छोड़ा और उसके घर पहुंचकर उसकी खबर ली। उसे सबक सिखाया। मैं पाकिस्तान के साथ भी ऐसा ही करता। ऐसा ही करूंगा। प्रधानमंत्री बना दो प्लीज। मुझे भी मोदी जी की तरह राष्ट्रीय राजनीति का कोई अनुभव नहीं है।
( अंबानी, अडानी से सादर अनुरोध है कि अगर वे मेरी मदद करें तो मैं भी रजत शर्मा को यह धांसू इंटरव्यू दे सकता हूं)

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