श्रीलंका जीतेगा वर्ल्डकप

ज्योतिष के आधारभूत तथ्य वैग्यानिक दृष्टि से सही हैं इसमें शक नहीं, मगर इसके फलादेश वाले हिस्से को लेकर मुझे हमेशा शक रहा है। मुझे लगता है कि इसके फलादेश वाला हिस्सा सिर्फ संभावना पर आधारित है, इसलिए गोचर, दशा, अंतरदशा, नवमांश, दशांश और न जाने कहां तक बात को खींच कर गोटी बैठाने की बात की जाती है। वैग्यानिक आधार पर हम ग्रहों के प्रभाव को ही लेते हैं जो राशियों के मुताबिक होता है। उस आधार पर यहां वर्ल्डकप में भाग ले रही टीमों की राशि और मौजूदा गोचर के हिसाब से आकलन करेंगे, और वर्ल्डकप के नतीजे अगर उस अनुरूप रहते हैं तो मैं भी मानने लगूंगा कि ज्योतिष का फलादेश वाला भाग भी वैग्यानिक तथ्य है।
सबसे पहले हम मेष राशि को लेते हैं। इसमें अश्वनी, भरणी और कृतिका नक्षत्र का प्रथम चरण आता है। इस राशि में अस्ट्रेलिया और आयरलैंड की टीमें आती हैं। मेष राशि का स्वामी मंगल है। यह गोचर में फिल्हाल लाभ भाव में पंचमेश सूर्य के साथ बड़े लाभ के योग बना रहा है मगर यह स्थिति सिर्फ पंद्रह मार्च तक ही रहेगी। मंगल का खेल से सीधा रिश्ता है। इन तीनों ही टीमों का नाम कृतिका नक्षत्र का है। ऐसे में मंगल और सूर्य का योग ऐसा ही है जैसा राजा और सेनापती का।  अगर पंद्रह मार्च तक के मैचों में आयरलैंड  उल्टफेर करती हैं तो मान लेना कि ज्योतिष कुछ हद तक सही है। अगर ये दोनों टीमें आसानी से हारती हैं तो मेरी तरह शक करना। पंद्रह मार्च के बाद लग्नेश खुद व्यय भाव में चला जाएगा। वहां गुरु का साथ तो होगा मगर लग्नेश और पंचम दोनों व्यय भाव में जाकर क्या कमाएंगे। इसलिए अगर आस्ट्रेलिया सहित ये टीमें अगर फाइनल में नहीं पहुंचती हैं तो ज्योतिष को सही समझना वर्ना मेरी तरह शक करना। 


वृष राशि में इंडिया, इंग्लैंड, वेस्ट इंडीज और बांग्लादेश आते है। अब इस राशि का हाल सुनो। भाग्येश शनि वक्री चल रहे हैं। यानी भाग्येश ही उल्टी चाल चल रहा है।  पांचवे स्थान में जो प्रतियोगिता का भी होता है शनि की उल्टी चाल बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। उस पर गुरु की दृष्टि अगर मदद करदे तो ठीक है। मेष राशि के खिलाफ तो वे भी मदद नहीं करेंगे। स्वराशि के गुरु मेष की ही मदद करेंगे, क्योंकि वे उसके भाग्येश हैं। अगर आस्ट्रेलिया से ये चारों देश हारें तो समझना ज्योतिष सही है नहीं तो मेरी तरह शक करना।प्रतियोगिता के फाइनल के समय पंचम भाव का स्वामी बुध व्यय भाव में होगा। इसलिए इनमें से किसी के भी फाइनल में पहुंचने और जीतने की संभावना नहीं है।
मिथुन राशि में केन्या और कनाडा हैं। इस राशि का स्वामि बुध है और मंगल उसका शत्रु होकर नवम भाव में है। ये देश छल कपट के किसी विवाद को तो जन्म दे सकते हैं मगर किसी चमत्कार की उम्मीद ज्योतिष के हिसाब से तो नहीं है। यानी दोनों टीमों का बेड़ा गर्क है। यह बात वैसे भी सबको दिख रही है। ऐसा हो भी सकता है। अगर ये टीमें उलटफेर करती हैं तो मेरी तरह शक करना।

कन्या राशि पाकिस्तान की है। इसका स्वामी भी बुध है। राशि में बैठा पंचमेश वक्री शनि बता रहा है कि इस बार यह टीम कई अन्य टीमों का गणित बिगाड़ेगी। इसके बावजूद सितारे फाइनल तक ले जाने की बात नहीं कहते।
वृश्चिक राशि से न्यूजीलैंड और नीदरलैंड हैं।  इसका स्वामी मंगल चौथे भाव में गुरु और सूर्य के साथ है। गुरु, राजा और सेनापति एक ही साथ हैं मगर युद्द का विगुल बज गया है और ये मां की गोद में जाकर बैठे हैं। खुद सुख में डूबे हैं तो राशि का भला क्या करेंगे। यदि फिरभी ये टीमें फाइनल में पहुंचे तो ज्योतिष पर शक करना।  सूर्य और गुरु की राशियों पर कोई टीम ही नहीं है। अगर इंडिया को भारत कहा जाए तो यह गुरु की धनु राशि का देश हो जाता है। तब भारत की संभावना इस वर्ल्डकप में ज्योतिष के आधार पर अच्छी हो जाएंगी मगर उसे इंडिया ही पुकार जाता है। इसलिए मंगल कुछ भी कर सकता है।

मकर राशि की टीम जिम्बाव्बे को कम मत आंकिएगा। तीसरे भाव में गुरु की भाग्य पर सीधी दृष्टि कुछ भी कर सकती है। अगर यह टीम कोई बड़ा उल्टफेर करती है तो ज्योतिष को सही समझना। भाग्य में वक्री लग्नेश शनि बता रहा है कि यह टीम इस बार अपने बारे में बनी पुरानी अवधारणा तोड़ देगी।
शनि की ही दूसरी राशि कुंभ में साउथ अफ्रीका और श्रीलंका की  राशि में मंगल और सूर्य बताते हैं कि पंद्रह मार्च तक इनके आगे कोई नहीं टिकने वाला। फाइनल मुकाबले वाले दिन राशि में शुक्र चंद्र की मौजूदगी भी बताती है कि इन टीमों पर सब मोहित हो जाएंगे। इसलिए फाइनल मुकाबला इन दोनों टीमों के बीच ही बनता है। इन दोनों में अगले अच्छरों की राशि लें तो फाइनल जीतने की संभावना श्रीलंका की है।

मेरा अनुभव और मानना है कि ज्योतिष का फलादेश भाग सिर्फ संभावना और तुक्का है टीम इंडिया जैसा खेल रही है उससे उसकी ही संभावना है। अगर टीम इंडिया जीतती है तो हो सकता है कि ज्योतिषी खिलाड़ियों की कुंडली और नवमांश, दशांश डालकर तुक्का बैठा ही दें मगर तब उसे मैं तो सच नहीं मानूंगा, टीम अपनी मेहनत से जीती और कर्म ही सब तय करता है।


Comments

सुधीर तुम्हारे इस गुण-ज्ञान का परिचय मुझे न था। अच्छा लिखा।
सुधीर said…
सर धन्यवाद, वैसे विश्वसनीय स्तर की जानकारी इस क्षेत्र में अभी मेरी नहीं है।
इस संभावना के विषय में जानकर थोड़ा मन मायूस हो रहा है..... यह बस संभावना ही हो :)
ओ सर जी, तुहानू टेंशन लैन दी कोई लोड नहीं. जो होना है वो तो होना ही है. क्यों? क्यों न मैच देखें और सचिन-सहवाग बे बहस करें...!!!! क्यों?
सुधीर said…
सचिन और सहवाग पुकारो तो दोनों की राशि कुंभ है। मगर वीरेंद्र सहवाग कहो तो वीरु का मामला गड़बड़ हो सकता है। वृष राशि से ज्यादा अच्छा समय कुंभ राशि का है। पर शनिवार को वीरू का बल्ला अच्छा चलता है।
ZEAL said…
मेरी शुभकामनायें भारतीय टीम के साथ हैं।
Sunil Kumar said…
मेरी शुभकामनायें भारतीय टीम के साथ हैं
शनिवार को वीरू का बल्ला अच्छा चलता है। - सुधीर जी।

शनिवार को सहवाग ने 175 मार दिए। आपकी बात सच हो गई।

अब अगर आपकी सारी बाते सच हो गईं तो मामला बड़ा गड़बड़ हो जाएगा।

आपका ज्योतिष ज्ञान विश्वसनीय प्रतीत हो रहा है। इसीलिए अब आपका लेख भी दमदार लग रहा है।
सुधीर said…
Veerendr ji,
esa nahi hai, TEEM INDIA par bharosa rakhene.
सुधीर said…
टीम इंडिया अच्छा खेल रही है। ज्योतिष के हिसाब से भी देखें तो उसके पूल में ज्यादातर टीम इंग्लैंड, वेस्ट इंडीज, बंग्लादेश उसीकी राशि की हैं। इसलिए इनसे मुकाबले जोरदार रहेंगे। बचे आयरलैंड और नीदरलैंड तो ये मेष और वृशि्चक राशि के हैं। इनका स्वामी मंगल खुद शनि के घर में बैठा है। नीदरलैंड से तो नहीं आयरलैंड से कुछ खतरा नजर आ रहा है। साउथ अफ्रीका कुंभ राशि तो सब पर भारी पड़ने वाली है इस पूल में।
दूसरी ओर टीवी चैनलों पर ज्यादातर ज्योतिषी और सट्टेबाज भारत को ही वर्ल्डकप विजेता मानकर चल रहे हैं। टीम इतनी मजबूत है कि मुझे भी यही लगता है मगर ज्योतिषी किस आधार पर कह रहे हैं यह समझ में नहीं आता। ज्यादातर धोनी की कुंडली के राजयोग पर दाव लगा रहे हैं। एक ज्योतिषी न्यूज चैनल पर बता रहे थे कि भारत की संभावना ज्यादा है क्योंकि धोनी की कुंडली में सूर्य में राहू का अंतर और शनि का प्रत्यंतर चल रहा है। कोई व्यक्ति जिसकी कुंडली में ऐसी दशा अंतरदशा चल रही होगी ऐसे किसी भी ज्योतिषी के पास जाएगा तो ज्योतिषी उसे जाते ही डरा देगा। सूर्य में राहू का अंतर तो ग्रहण योग है। अपयश मिलेगा। कोई स्त्री आरोप लगा सकती है। बगैरा-बगैरा, मगर धोनी की टीम मजबूत है, इसलिए ज्योतिषी जी चैनल पर इस दशा और अंतरदशा में जीत की बात कर रहे हैं। इसलिए भी मुझे लगता है कि ज्योतिष में फलादेश लिखित नियमों के मुताबिक न कर ज्योतिष संभावानाएं देखकर तुक्का लगाते हैं।
Deepak Saini said…
मेरी शुभकामनायें भारतीय टीम के साथ हैं।

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