सुधीर राघव
इस दशहरे पर
रावण बच गया
इसलिए रच रहा है
दिवाली से पहले
राम के वनवास का षड्यंत्र।
नहीं जानता
राम वन जाएगा
तभी तो रावण मरेगा,
शायद सरस्वती ऐसे ही
बुद्धि फैरती है
आखिर रावण की मां
कब तक खैर मनाएगी
क्योंकि दशहरा तो
हर साल आता है।।
पुनश्च- अगले दशहरे
फिर मिलेंगे रावण।।
काजल कुमार और खुशदीप सहगल की रसीली बातें
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ब्लौगरीय निराशा दूर करने के लिए कुछ रसीली बातें अति उपयोगी हैं...
काजल कुमार Kajal KumarMar 17, 2012 04:41 AM
भगवतीचरण वर्मा जी की पंक्तियां हैं न...
हम दी...
5 hours ago

10 comments:
कमाल है। बहुत ही अलग और उम्दा सोच।
नहीं जानता
राम वन जाएगा
तभी तो रावण मरेगा,
शायद सरस्वती ऐसे ही
बुद्धि फैरती है
बार-बार इसे पढ रहा हूं।
बहुत सही। रावण को तो एक दिन मरना ही है।
... क्या बात है !!!
bahut achhi rachna hai
bahut sahi
blog m aane ko aabhar
yuhi margdarsan karte rahe
dhanvad
बहुत ही बेहतरीन...
सिर जी अब तो मार ही डालो रावण को, अगला साल तो साला बहुत लंबा हो जाएगा...
हा हा हा...
बेहतरीन रचना के लिए बधाई
नया नजरिया.
बेहतरीन रचना के लिए बधाई
बेहतरीन रचना के लिए बधाई
मुझे भी ये रचना बहुत अच्छी लगी ..
सुधीर जी इस रचना के लिए आपको बधाई ...
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