Sunday, August 22, 2010

नेता जैसा पेट

देश तरक्की कर रहा
लेकर कहते वोट,
जनता भूखी मर रही
अपने बढ़वाते नोट।


गेहूं भले सड़ जाएगा
पर नहीं गरीब को भेंट,
लाखों ले भी नहीं भरे
यह कैसा नेता का पेट।


यह पेट देश को लीलता
नहीं इसका कोई हवाल,
खेल, रेल या तेल हो
सबमें खाया माल।

पेट घड़ा है पाप का, इतना तो मत खाय।
हाय लगे गरीब की, फौरन ही फट जाए।।

सुधीर राघव

16 comments:

Vijay Mishra said...

sir
bahut hi bada pet hai...
fhir neta ka pet to vaise bhi bada hota hai...

राजभाषा हिंदी said...

विचारोत्तेजक।

*** राष्ट्र की एकता को यदि बनाकर रखा जा सकता है तो उसका माध्यम हिन्दी ही हो सकती है।

अशोक बजाज said...

बेहतर पोस्ट

संजय भास्कर said...

सार्थक और बेहद खूबसूरत,प्रभावी,उम्दा रचना है..शुभकामनाएं।

संजय भास्कर said...

आज की दुनिया का कटु शाश्वत वास्तविक सत्य ..

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

नेता के पास एक एडीशनल पेट भी होता है जो कभी नहीं भरता।

आमीन said...

बहुत अच्छा लिखा
आपने सुना ही होगा कि पेट से ज्यादा भूख नीयत में होती है
नेताऒं की नीयत ही नहीं भरती, पेट भर भी जाए तो क्या
...

Babli said...

यह पेट देश को लीलता
नहीं इसका कोई हवाल,
खेल, रेल या तेल हो
सबमें खाया माल।
बहुत ही सुन्दरता से आपने सच्चाई बयान किया है! आख़िर नेता होते हैं सिर्फ़ झूठे वाडे करने के लिए और अपना जेब भरने में माहिर होते हैं! देखा जाए तो लगभग सभी नेता का पेट बड़ा होता है!

Pawan Rana said...

bhut khoob .........ye neta log desh ko kha gye h...lekin ye baat logo ke samjh main nhi ati...ghotala karke b jab inka pet nhi bahra to inhone sansad main jaker bhikh magni b suru kar di h... inhe desh ki chinta nhi apne bade pet ki jyada chinta h

sandy said...

haan sahi baat hain netaon ko ab example ke rup mein hin use kiya ja sakta hain wo bhi positive nahi negative example...........

achcha composing hain lekin roj aise ek-do rachnayein honi chahiye.... kyonki aag dheere dheere hi sahi sulagte sulagte in pakhandiyon ko jalayegi....

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत बढ़िया व्यंग ....अच्छी प्रस्तुति ..

DEEPAK BABA said...

पेट घड़ा है पाप का, इतना तो मत खाय।
हाय लगे गरीब की, फौरन ही फट जाए।।


भाई ये पुराणी बातें है .... आजकल इनको किसी की हाय नहीं लगती.... फुल हाय प्रूफ है इनके पेट

सुधीर said...

दीपक बाबा जी आपकी बात सही है कि हाय प्रूफ पेट हैं इनके मगर देर से ही सही आह असर तो करती है। आज लालू की क्या हालत, भ्रष्टाचार के मामले में देर सबेर कलमाडी पर भी कार्रवाई होगी ही। नेताओं द्वारा अपना वेतन बढ़ा लिए जाने पर फिलहाल पब्लिक गालियां ही दे रही है चुनाव आने पर और कुछ भी दिखा सकती है।

सुधीर said...

दीपक बाबा जी आपकी बात सही है कि हाय प्रूफ पेट हैं इनके मगर देर से ही सही आह असर तो करती है। आज लालू की क्या हालत, भ्रष्टाचार के मामले में देर सबेर कलमाडी पर भी कार्रवाई होगी ही। नेताओं द्वारा अपना वेतन बढ़ा लिए जाने पर फिलहाल पब्लिक गालियां ही दे रही है चुनाव आने पर और कुछ भी दिखा सकती है।

venus**** said...

सुधीर राघव ji....pehale to..meri hounsla afzaayi ke tah e dil se shukirya...
actully abhi nyi nyi hun blogging me..isiliye jiyada jaankari nhi he ..aapko dhnywaad kahaan pe krun smjh nhi aya..link clik krti gyi..yahan tak a pahunchi......
aur yahaan pahucnhii to dekhaa...amuly bhndaar...

यह पेट देश को लीलता
नहीं इसका कोई हवाल,
खेल, रेल या तेल हो
सबमें खाया माल।

पेट घड़ा है पाप का, इतना तो मत खाय।
हाय लगे गरीब की, फौरन ही फट जाए।।
waah...aaj ke taza ghtnakram ko bhi nishana bnaya aapne.....bahut hu...uchch soch saamne ati he aapki
tahnx for sharing
take care

Virendra Singh Chauhan said...

Sudhir ji..... yahan main Aapse se sahmat hun.