जिन्ना के अनुयायी

-सुधीर राघव
बड़ी-बड़ी बातें करते थे
ये कैसे भाजपायी निकले
सावरकर की बात छेड़कर
जिन्ना के अनुयायी निकले।
मस्जिद-मंदिर करवा डाला
बहुतों को यों मरवा डाला
मानवता के कसाई निकले
कैसे ये भाजपायी निकले
जिन्ना के अनुयायी निकले।
माफ करो ऐ, शिया-सुन्नी
ये अबला की छीनें चुन्नी
ये न किसी के भाई निकले
ये कैसे भाजपायी निकले
जिन्ना के अनुयायी निकले।
आडवाणी ने टेका माथा
जसवंत की अपनी गाथा
रामकसम हरजाई निकले
ये कैसे भाजपायी निकले
जिन्ना के अनुयायी निकले।
जिन्ना ने तो सरहद बांटी
करें ये दिल की काटा-काटी
कैसे-कैसे सौदाई निकले
ये कैसे भाजपायी निकले
जिन्ना के अनुयायी निकले।।
(जसवंत सिंह द्वारा जिन्ना को डेविल्स एडवोकेट कार्यक्रम में महान भारतीय बताने के बाद )

Comments

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

संजय कुमार
हरियाणा
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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